Wednesday, December 25, 2013

एक कविता और एक पैरोडी - AAP के नाम

उड़ाते थे जो आम आदमी की खिल्ली,
वो सभी हैं अब बन गए भीगी बिल्ली,
फकीरों की देखेंगे वो बादशाहत,
खुशकिस्मत जो हैं बाशिन्दा-ए-शहर-ए-दिल्ली.


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बाबुल मोरा करप्शन छूटो जाय,
AAP तो पर्वत भया, कुर्सी भई बिदेस,
दे के समर्थन आप को मैं चली पिया के देस।
बाबुल मोरा ...

आठ विधायक मिल मोरी डोलिया उठावें
मोरा दिल्ली NCR छूटो जाय रे,
बाबुल मोरा ...

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