Friday, April 11, 2014

कुछ और दोहे

जनता को लड़वाय कर वोट दो उनका बाँट,
जनता कभी न समझेगी हमरी सांठम गाँठ।

चुनाव में दौरा सब करें, बाद में करे न कोय,
बाद में तो समझ लो बस मजा ही मजा होय।

जो हमको जितवा दिया किया अपना सत्यानाश,
अगले पांचो साल तक हमसे रखो न आस।

डरे जो भ्रष्टाचार से ख़ाक वह नेता होय,
जो कुछ दिखे समेट ले भनक लगे न कोय।

साईं इतना लूटिये यहीं हजम हो जाय,
रखने स्विट्ज़रलैंड में बार-बार को जाय।

लोकपाल बनवा सको तुम में क्या सामर्थ्य,
झूठ-मूठ चिल्ला रहे जोकपाल है व्यर्थ।

रेप किया तो क्या हुआ रहे गला क्यों फाड़
अपने लौंडों ने किया हैं वो छुट्टे सांड़।

फाँसी महिला को मिले, लौंडों का क्या दोष,
यही हमारी मांग है यही हमारी सोच।

सोचो तुम सरकार में जो आया कोई और,
फांसी पर तुम चढ़ोगे ना चले हमारा जोर।

बहनों समझ लो बात को सोच के डालो वोट,
मार गिराओ उन्हें तुम जिनके मन में खोट।

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