Thank you!

Dear Readers,

Thank you, indeed. The number of page views crossed 15K on Nov. 1, 2016.

A compilation of the blog posts up to first quarter of 2016 has been published and is available on Smashwords, Amazon (Kindle store), and Google Books.
Showing posts with label बहुमत. Show all posts
Showing posts with label बहुमत. Show all posts

Thursday, March 13, 2014

कुछ चुनावी दोहे

जो मैं ऐसा जानता टिकट न मिलिहै मोय,
क्यों मैं फिरता दौड़ता, रहता तान के सोय।

साईं बहुमत देहु मोहि अबकी देहु जिताय,
सत्ता सुख मैं भोग लूं, भाड़ में जनता जाय।

भाजप, कांग्रेस दोऊ खड़े काके लागूँ पाय।
दोनों में अंतर नहीं आपने दियो बताय।

मंत्री हुआ तो क्या हुआ ज्यों सलमान खुर्शीद,
मुंह से बचन यों फूटते ज्यों घोड़े की लीद।

सीना चौड़ा चाहिए जो चाहो यूपी में सीट,
FB पर कुछ भी कहो, कुछ भी कर लो ट्वीट।

वोटर हुआ तो क्या हुआ नोट पे देता वोट।
नेता को क्या बोलता तेरे मन में खोट।

भैया नेता के किये कबहूँ न होय विकास,
उनको रेवड़ी बांटता जो हैं खासम-ख़ास।